नई दिल्ली/देहरादून, गढ़वाल का विकास डॉट कॉम। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार वर्ष बीत जाने के बाद भी परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। राहुल गांधी ने मामले में सामने आए कथित ‘वीआईपी’ एंगल को लेकर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। आरोप है कि कथित वीआईपी मेहमान की मांग का विरोध करने के बाद उनकी हत्या कर दी गई। बाद में उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ था।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच और घटनाक्रम को लेकर कई सवाल आज भी बने हुए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जांच पूरी होने से पहले रिजॉर्ट के कुछ हिस्सों और अंकिता के कमरे को ध्वस्त किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मामले में चर्चित ‘वीआईपी’ की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट क्यों नहीं हुई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव के चलते मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी तरह का राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय मिलना लोकतांत्रिक समाज की बुनियादी जिम्मेदारी है। अंकिता भंडारी के परिवार की न्याय की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोर्ट पहले ही तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना चुका है। वहीं, ‘वीआईपी’ एंगल को लेकर उठे नए विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की सीबीआई जांच की अनुमति दी थी और बाद में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली।