पर्यावरण एवम समाज से गहरा नाता था बहगुना जी का : जोशी ।
न केवल उत्तराखंड समूचे विश्व के पर्यावरण के प्रति चिंतित थे बहगूना जी ।
दे . दून : चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय प्रवक्ता एवम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेश जोशी ने पर्यावरण के महान योद्धा सुंदर लाल बहगुना के निधन पर गहरा दुख किया । उन्होंने कहा कि सुंदर लाल बहगुना के निधन से उत्तराखंड ही नही समूचे विश्व को क्षति पहुंची है लेकिन उनके विचार हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे । उनका देश की स्वतंत्रता में अभिन्न योगदान था वो महात्मा गांधी एवम सरदार पटेल से काफी प्रवाहित थे । आजादी के बाद टिहरी राजशाही के खिलाफ प्रजामंडल आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही । उन्होंने गांधी जी के अहिंसात्मक आंदोलन उपवास का आजीवन पालन किया । उनका हिमालय एवम हिमालय जन जीवन के प्रति चिंतन एवम सरोकार था । उन्होंने पर्यावरण के प्रति लोगो को जागरूक एवम आंदोलन के माध्यम से झकझोरने का कार्य किया । उन्होंने चिपको आंदोलन को विश्व स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई । पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के प्रति आंदोलन पेड़ों से चिपक कर अवैध कटान पर रोक को समूचे पहाड़ में आंदोलन चलाया । उन्होंने पर्यावरण के प्रति लोगो को चेताया और इसके दुष्परिणामों के प्रति आगाह भी किया । वो बड़े बांधों के विरोधी थे उन्होंने टिहरी बांध के विरोध में कई दिनों तक उपवास किया । उन्होंने कहा कि हिमालय से छेड़ छाड़ के परिणाम हमे भुगतने पड़ेंगे । उन्होंने पर्यावरण की रक्षा को लोगों को सचेत किया और वृक्षारोपण के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया । उनका हिमालय से एवम हिमालय संस्कृति से गहरा लगाव एवम सरोकार था । वो पर्यावरण के बदलते स्वरूप के प्रति काफी चिंतित थे और विकास के नाम पर हो रही पेड़ों की अधाधुंध कटान को लेकर विरोध व्यक्त करते थे । आज ग्लोबल वार्मिंग की वजह से आमोलचोल परिवर्तन उसी का नतीजा है की गर्मी में बरसात सर्दियों में बर्फ का कम पड़ना बरसातों के मौसम में बारिश का कम होना है । जिससे मानव सभ्यता पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है और प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है जिसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है । और मानव सभ्यता पर खतरा मंडराता रहेगा।
अगर हां अभी भी न चेते तो प्राकृतिक आपदाएं आती रहेंगी और जिसकी भरपाई करना असम्भव होगा ।
पहाड़ी परिवेश में पले बढ़े लाहौर से शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद सरल स्वभाव के धनी बहगुना जी हमें प्रेरणा देते रहेंगे और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेवारी का सदैव अहसास कराते रहेंगे ।
( महेश जोशी )